दुआओं से ही रात है, दुआओं से ही सुबह होती है,
कोई हिचकियाँ लेता है कही,दूर किसी को ख़बर होती है,
नसीब क्या है?कहाँ है ? ये मुझको नही पता,
पर, लगता है जैसे, ये भी कोई चीज होती है,
मुझ पर क्या असर करेंगी, ये बला की हवायें
माँ की दुआये तो ताबीज होती हैं,
हमारे रस्ते पर, मंजिलो के निशान है "उमा"
जिस राह में हम चले नही, वो बदनसीब होती है