शुन्य सा व्याकुल विकल था,
सामने ना कोई हलचल,
तूने लाया था जहाँ में,
मेरा सबकुछ तेरा पल पल,
मेरी सांसो को जगाया,
मुझको आँचल में सुलाया,
मैं तो था कुछ भी नहीं माँ ,
तूने ही मुझको बनाया,
रतजगा कितना किया है,
मेरे लिए तूने जिया है,
माँ , करूँ तुझपे क्या अर्पण?
मेरा सबकुछ तेरा दिया है.
सामने ना कोई हलचल,
तूने लाया था जहाँ में,
मेरा सबकुछ तेरा पल पल,
मेरी सांसो को जगाया,
मुझको आँचल में सुलाया,
मैं तो था कुछ भी नहीं माँ ,
तूने ही मुझको बनाया,
रतजगा कितना किया है,
मेरे लिए तूने जिया है,
माँ , करूँ तुझपे क्या अर्पण?
मेरा सबकुछ तेरा दिया है.