रक्त होता नहीं सिर्फ, धमनियों में बहाने को,
होना चाहिए ये भी, आखों में उतर आने को,
सरहदों के पार है, चीत्कार एक मासूम की,
इंसानी दिल भी चाहिए, उसे रगों तक पहुँचाने को,
कई खुदा मिलेंगे, मुकद्दर के बाजार में,
जिद्द जिगर में चाहिए, अपना मुकद्दर बनाने को,
रेत के समंदर हैं, पीर जो अंदर हैं,
तूफां का इलम चाहिए, इसे फूंक से उड़ाने को,
लहरों की वफ़ा क्या, कश्ती का भरोसा क्या,
"रूद्र" तू बन नाखुदा, साहिल पे पहुँच जाने को,
होना चाहिए ये भी, आखों में उतर आने को,
सरहदों के पार है, चीत्कार एक मासूम की,
इंसानी दिल भी चाहिए, उसे रगों तक पहुँचाने को,
कई खुदा मिलेंगे, मुकद्दर के बाजार में,
जिद्द जिगर में चाहिए, अपना मुकद्दर बनाने को,
रेत के समंदर हैं, पीर जो अंदर हैं,
तूफां का इलम चाहिए, इसे फूंक से उड़ाने को,
लहरों की वफ़ा क्या, कश्ती का भरोसा क्या,
"रूद्र" तू बन नाखुदा, साहिल पे पहुँच जाने को,
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